रुद्रपुर। इस बार रुद्रपुर में बकरीद का पर्व पूरी तरह प्रशासनिक निगरानी और सख्त नियमों के बीच मनाया जाएगा। नगर निगम प्रशासन ने पहली बार ऐसा व्यापक एक्शन प्लान लागू किया है, जिसके तहत खुले स्थानों पर कुर्बानी, नालियों में खून बहाने और पशुओं के अवशेष सार्वजनिक स्थलों पर फेंकने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। महापौर विकास शर्मा के निर्देश पर जारी आदेशों में स्पष्ट किया गया है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सीधे कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने इसे शहर की स्वच्छता, कानून व्यवस्था और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने के लिए जरूरी कदम बताया है।
बीते दिनों विभिन्न हिंदू संगठनों के प्रतिनिधिमंडलों ने महापौर विकास शर्मा से मुलाकात कर बकरीद के दौरान होने वाली अव्यवस्थाओं पर चिंता जताई थी। संगठनों ने सार्वजनिक स्थलों पर पशुबलि, सड़कों और नालियों में खून बहने तथा पशुओं के अवशेष खुले में फेंके जाने की घटनाओं पर रोक लगाने की मांग की थी। प्रतिनिधियों का कहना था

कि इस प्रकार की गतिविधियों से धार्मिक भावनाएं आहत होती हैं और शहर की स्वच्छता व्यवस्था भी प्रभावित होती है। मामले को गंभीरता से लेते हुए नगर निगम प्रशासन ने तत्काल सख्त दिशा-निर्देश जारी कर दिए।
महापौर विकास शर्मा ने पत्रकार वार्ता में कहा कि बकरीद के अवसर पर किसी भी सार्वजनिक स्थल, सड़क, चौराहे या पूजा स्थलों के सामने से गुजरने वाले मार्गों पर किसी भी प्रकार की कुर्बानी नहीं होने दी जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल अधिकृत स्लॉटर हाउस अथवा प्रशासन द्वारा निर्धारित स्थलों पर ही कुर्बानी दी जा सकेगी। इसके अतिरिक्त गाय, बछड़ा अथवा अन्य प्रतिबंधित पशुओं की कुर्बानी पूरी तरह निषिद्ध रहेगी और ऐसा करने वालों के विरुद्ध पशु क्रूरता निवारण अधिनियम 1960 के तहत कठोर कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
नगर निगम प्रशासन ने इस बार कुर्बानी की पूरी प्रक्रिया को निगरानी के दायरे में रखने का निर्णय लिया है। प्रत्येक निर्धारित स्थल पर स्थानीय नागरिकों की एक विशेष निगरानी समिति गठित की जाएगी, जिसमें न्यूनतम पांच और अधिकतम ग्यारह सदस्य शामिल होंगे। इन समितियों में कम से कम एक महिला सदस्य की उपस्थिति अनिवार्य की गई है। समितियां कुर्बानी की प्रक्रिया, साफ-सफाई और नियमों के पालन की निगरानी करेंगी। साथ ही प्रत्येक स्थल पर पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी कराई जाएगी, ताकि किसी भी प्रकार की शिकायत या विवाद की स्थिति में प्रमाण उपलब्ध रह सके।
नगर निगम ने स्वच्छता को लेकर भी विशेष दिशा-निर्देश जारी किए हैं। आदेशों के अनुसार किसी भी स्थिति में पशुओं का रक्त नालियों में नहीं बहाया जाएगा और न ही पशुओं के अवशेष अथवा ऑफल खुले स्थानों पर फेंके जाएंगे। प्रशासन ने साफ किया है कि कुर्बानी के बाद निकलने वाले अपशिष्ट का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण कराया जाएगा। इसके लिए निगम की टीमें लगातार निगरानी रखेंगी और लापरवाही पाए जाने पर संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

प्रशासन का कहना है कि उच्च न्यायालय के आदेशों और नगर निगम अधिनियम के प्रावधानों का पालन सुनिश्चित करने के लिए इस बार विशेष सतर्कता बरती जा रही है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि त्योहार के दौरान संवेदनशील क्षेत्रों में नियमित निरीक्षण किया जाए तथा किसी भी प्रकार की अव्यवस्था की सूचना मिलने पर तत्काल कार्रवाई की जाए। नगर निगम के साथ पुलिस और प्रशासनिक विभाग भी पूरी व्यवस्था पर नजर बनाए रखेंगे।
महापौर विकास शर्मा ने कहा कि नगर निगम का उद्देश्य किसी भी समुदाय की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं है, बल्कि न्यायालय के आदेशों का पालन कराते हुए शहर में स्वच्छता, कानून व्यवस्था और सामाजिक सौहार्द बनाए रखना है। उन्होंने कहा कि सभी त्योहार भाईचारे और मर्यादा के साथ मनाए जाने चाहिए तथा किसी भी स्थिति में शहर का वातावरण दूषित या अशांत नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने नागरिकों से प्रशासन का सहयोग करने और नियमों का पालन करने की अपील की।
नगर निगम के इस फैसले को लेकर शहर में व्यापक चर्चा बनी हुई है। प्रशासनिक सख्ती के चलते इस बार बकरीद पर व्यवस्थाओं को लेकर पहले से अधिक सतर्कता दिखाई दे रही है। नगर निगम का दावा है कि इन नियमों से न केवल शहर की स्वच्छता व्यवस्था बेहतर होगी, बल्कि त्योहार शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराया जा सकेगा। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि आदेशों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ बिना किसी भेदभाव के कठोर कार्रवाई की जाएगी।
0 Comments