विशेष समुदाय के स्कूल संचालक के हौसले बुलंद,करोड़ों की सीलिंग भूमि पर अवैध निर्माण जारी

रुद्रपुर। जनपद उधम सिंह नगर के जिला मुख्यालय रुद्रपुर में सीलिंग की सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। नगर निगम क्षेत्र के वार्ड नंबर 25 अंतर्गत फाजलपुर मेहरौला में एक विशेष समुदाय से जुड़े स्कूल संचालक पर करोड़ों रुपये की सरकारी जमीन पर कब्जा कर निर्माण कार्य कराने के आरोप लगे हैं। बताया जा रहा है कि संबंधित भूमि सीलिंग की श्रेणी में आती है, जिस पर उच्च न्यायालय के आदेश के बाद किसी भी प्रकार के निर्माण पर पूर्णतः प्रतिबंध लगाया गया है। इसके बावजूद उक्त स्कूल संचालक द्वारा पहले भूमि की चारदीवारी कर कब्जा किया गया और अब उस पर तेजी से निर्माण कार्य जारी है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, यह निर्माण कार्य पूरी तरह खुलेआम दिनदहाड़े किया जा रहा है, जिससे यह स्पष्ट संकेत मिलता है कि संबंधित व्यक्ति को किसी प्रकार की प्रशासनिक कार्रवाई का भय नहीं है। क्षेत्र में पहले भी कई बार प्रशासन द्वारा अवैध निर्माणों पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जा चुकी है, लेकिन इस मामले में अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। आरोप है कि उक्त स्कूल संचालक पहले से ही नजदीक में एक शिक्षण संस्थान संचालित करता है और अब उसी के विस्तार के उद्देश्य से इस खाली पड़ी सरकारी जमीन पर नजर गड़ाए हुए था। सूत्रों का कहना है कि लंबे समय से इस भूखंड को कब्जाने की तैयारी चल रही थी, जिसे अब अंजाम दिया जा रहा है। चर्चा यह भी है कि प्रभाव और पहुंच के दम पर संबंधित व्यक्ति प्रशासनिक कार्रवाई से बचता आ रहा है। यही कारण है कि लगातार शिकायतों और मीडिया में उठ रहे मुद्दों के बावजूद निर्माण कार्य बिना किसी रोक-टोक के जारी है।
स्थानीय नागरिकों में इस मामले को लेकर गहरा आक्रोश है। उनका कहना है कि जहां आम जनता के छोटे-छोटे निर्माणों पर प्रशासन तत्काल कार्रवाई करता है, वहीं करोड़ों की सरकारी भूमि पर हो रहे इस बड़े कब्जे को नजरअंदाज किया जा रहा है, जो प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है। यह भी बताया जा रहा है कि इस भूमि पर भविष्य में एक नया स्कूल संचालित करने की योजना बनाई जा रही है। यदि ऐसा होता है तो यह न केवल सरकारी नियमों का उल्लंघन होगा, बल्कि अवैध कब्जों को बढ़ावा देने वाला उदाहरण भी बनेगा। वहीं, विद्युत विभाग द्वारा ऐसे अवैध निर्माणों को बिजली कनेक्शन देने से इनकार किया गया है, इसके बावजूद निर्माण कार्य का जारी रहना कई विभागों की समन्वयहीनता को उजागर करता है।
इस पूरे प्रकरण में जब तहसीलदार दिनेश कुटौला से बात की गई तो उन्होंने बताया कि मामला संज्ञान में है और इसकी जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि जांच के उपरांत नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। अब बड़ा सवाल यह है कि क्या प्रशासन इस अवैध कब्जे के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगा या फिर प्रभावशाली लोगों के दबाव में मामला ठंडे बस्ते में चला जाएगा। फिलहाल यह मामला रुद्रपुर में कानून व्यवस्था और प्रशासनिक निष्पक्षता की परीक्षा बनता जा रहा है

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24 घंटे में खबर का बड़ा असर: रुद्रपुर में सीलिंग भूमि पर अवैध कब्जा प्रशासन ने किया सीज, स्कूल संचालक पर कसा शिकंजा