रुद्रपुर (उधम सिंह नगर)।
जनपद में कानून व्यवस्था को चुनौती देने वाली एक सनसनीखेज घटना का ट्रांजिट कैम्प कोतवाली पुलिस ने खुलासा किया है। जांच में सामने आया है कि पार्षद सौरभ बेहड़ पर हुआ हमला किसी आपसी रंजिश या बाहरी साजिश का परिणाम नहीं था, बल्कि यह पूरी तरह पूर्व नियोजित घटना थी, जिसे खुद सौरभ बेहड़ ने पारिवारिक विवाद के चलते सहानुभूति पाने के उद्देश्य से रचवाया था। इस पूरे षड्यंत्र का मास्टरमाइंड इंदर नारंग बताया गया है, जिसे पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मणिकांत मिश्रा के निर्देश पर की गई इस कार्रवाई में पुलिस ने अवैध हथियारों के साथ तीन हमलावरों को भी दबोचा है। पुलिस के अनुसार इस मामले में तथाकथित पीड़ित भी साजिश में बराबर का भागीदार निकला, जिससे यह प्रकरण और भी गंभीर हो गया है।

पुलिस के अनुसार 21 और 22 जनवरी 2026 की मध्य रात्रि ट्रांजिट कैम्प थाना पुलिस टीम सिडकुल रोड, नई बस्ती मोड़ के पास संदिग्ध वाहनों और व्यक्तियों की चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान बिना नंबर प्लेट की मोटरसाइकिल से आ रहे तीन युवक पुलिस को देखकर भागने लगे। मोटरसाइकिल फिसलकर गिर गई, जिसके बाद पुलिस ने तीनों को मौके पर पकड़ लिया।
तलाशी के दौरान उनके पास से दो अवैध तमंचे (12 बोर और 315 बोर), एक जिंदा कारतूस और एक नाजायज चाकू बरामद किया गया। सभी हथियार चालू हालत में पाए गए। आरोपियों के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर उन्हें हिरासत में लिया गया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान वंश कुमार (20) निवासी घासमंडी, बादशाह निवासी घासमंडी आदर्श कॉलोनी और दीपक सिंह (21) निवासी नारायण कॉलोनी, ट्रांजिट कैम्प के रूप में हुई है।
पुलिस पूछताछ में जो तथ्य सामने आए, उन्होंने पूरे मामले की तस्वीर ही बदल दी। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि यह हमला किसी व्यक्तिगत दुश्मनी का परिणाम नहीं था, बल्कि पार्षद सौरभ बेहड़ द्वारा खुद को पिटवाने की योजना का हिस्सा था। पारिवारिक विवाद के कारण वह सहानुभूति हासिल करना चाहता था और इसी उद्देश्य से उसने अपने साथी इंदर नारंग से संपर्क कर पूरी साजिश रची।
पुलिस के अनुसार इंदर नारंग (29), निवासी आदर्श कॉलोनी, घासमंडी ने कबूल किया कि 18 जनवरी 2026 को सौरभ बेहड़ ने उसे अपने घर बुलाकर कहा कि वह खुद पर हमला कराना चाहता है। इसके बाद नारंग ने वंश और बादशाह को बुलाकर योजना समझाई। आरोपियों को चेहरा ढकने, पहचान छुपाने और मोटरसाइकिल की नंबर प्लेट हटाने के निर्देश दिए गए।
घटना के समय इंदर नारंग अपनी वैगनार कार से हमलावरों के पीछे-पीछे चल रहा था। भीड़ अधिक होने पर स्थान बदलकर शिव शक्ति पीजी गेट के पास हमला कराया गया। वारदात के बाद हमलावर सिडकुल–नैनीताल रोड की ओर भागे। मोटरसाइकिल को थाना पंतनगर क्षेत्र के धरमपुर में छिपाया गया था, जिसे पुलिस ने बरामद कर लिया है।
पुलिस के अनुसार घटना के बाद आरोपियों को सुरक्षित उनके क्षेत्र तक पहुंचाने में भी इंदर नारंग की भूमिका रही। इस पूरे प्रकरण में सौरभ बेहड़ और इंदर नारंग दोनों की भूमिका को प्रमुख मानते हुए उनके खिलाफ भी कड़ी धाराओं में कार्रवाई की जा रही है।
मामले में आर्म्स एक्ट के साथ-साथ भारतीय न्याय संहिता की धारा 61(2)/3(5) भी बढ़ाई गई है। पुलिस का कहना है कि यह एक पूर्व नियोजित आपराधिक साजिश है, जिसमें न केवल हमलावर बल्कि तथाकथित पीड़ित भी शामिल हैं।
एसएसपी मणिकांत मिश्रा ने स्पष्ट कहा है कि कानून को गुमराह करने और अवैध हथियारों के सहारे साजिश रचने वालों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
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